बढ़ते किरायों के बावजूद क्या भारतीय हवाई अड्डों पर यात्रियों की बाढ़ आने जा रही है. आप अपनी अगली हवाई यात्रा की तैयारी कर रहे हैं या नहीं, लेकिन गवर्नमेंट ने इसे लेकर तैयारी प्रारम्भ कर दी है. दिल्ली मुंबई जैसे राष्ट्र के प्रमुख हवाईअड्डों पर भीड़भाड़ नहीं हो, यह सुनिश्चित करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शुक्रवार को हवाईअड्डा संचालकों से बोला कि वे कठिनाई मुक्त बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए अपने क्षमता और जगह की जरूरतों का गहन आंतरिक विश्लेषण करें.
नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राष्ट्रीय राजधानी में हवाईअड्डे और एयरलाइन ऑपरेटरों के साथ बैठक के दौरान पीक यात्रा अवधि के दौरान हवाई अड्डों पर भीड़भाड़ से संबंधित मुद्दों और आवश्यक तरीकों पर चर्चा की. सूत्रों ने बोला कि बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के कदमों, विशेष रूप से हवाईअड्डों पर पीक ऑवर ट्रैफिक से निपटने के साथ-साथ क्षमता विस्तार के कदमों पर भी विचार-विमर्श किया गया.
हवाई अड्डे के संचालकों को अन्य कारकों के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने के लिए बोला गया है कि वे अपने थ्रूपुट और जगह की आवश्यकताओं का गहन आंतरिक विश्लेषण करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी बिंदु पर कोई रुकावट न हो. “हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि अनुमानों को पूरा करने के लिए बुनियादी ढांचे और प्रक्रियाओं के लिए एक रोडमैप पर विचार-विमर्श करने के लिए एयरलाइन और हवाई अड्डे के ऑपरेटरों के साथ मुलाकात की.
सिंधिया ने एक ट्वीट में कहा, “पूरे गवर्नमेंट के दृष्टिकोण के साथ, हम हिंदुस्तान के प्रमुख मेट्रो हवाई अड्डों पर त्वरित और सुचारू प्रोसेसिंग की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध हैं.” सूत्रों ने यह भी बोला कि यह सुनिश्चित करने का कोशिश किया जा रहा है कि पीक आवर्स के दौरान भी एयरलाइंस अपनी अधिकतम क्षमता से परिचालन कर सकें. हिंदुस्तान दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक है.