वाराणसी की जिला न्यायालय (Varanasi District Court) ने सोमवार को ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मुद्दे की सुनवाई करते हुए एक बड़ा निर्णय सुनाया. न्यायालय ने मुसलमान पक्ष की अपील खारिज करते हुए बोला कि, यह मामला सुनने योग्य है.अदालत के निर्णय के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने प्रतिक्रिया देते हुए बोला कि, इस मुद्दे में अपील होनी चाहिए.
हिंदू के पक्ष में न्यायालय का फैसला
इससे पहले वाराणसी की जिला न्यायालय ने सोमवार को ज्ञानवापी शृंगार गौरी मुद्दे की पोषणीयता पर प्रश्न उठाने वाली मुसलमान पक्ष की याचिका खारिज कर दी और बोला कि वह पूजा के अधिकार की मांग वाली याचिका पर सुनवाई जारी रखेगी. मुसलमान पक्ष ने न्यायालय के इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की घोषणा की है.
हिन्दू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने बताया कि जिला न्यायाधीश ए।के। विश्वेश ने मुद्दे की पोषणीयता पर प्रश्न उठाने वाली याचिका को खारिज करते हुए सुनवाई जारी रखने का फैसला किया. न्यायालय में उपस्थित एक वकील ने बताया कि जिला न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के वादियों और उनके अधिवक्ताओं समेत 32 लोगों की मौजूदगी में 26 पन्नों का आदेश 10 मिनट के अंदर पढ़कर सुनाया. न्यायालय ने गत 24 अगस्त को इस मुद्दे में अपना आदेश 12 सितंबर तक के लिए सुरक्षित रख लिया था.
उच्च न्यायालय में दी जाएगी चुनौती
मुस्लिम पक्ष के वकील मेराजुद्दीन सिद्दीकी ने बोला कि जिला न्यायालय के इस फैसला को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी. उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे में पांच स्त्रियों ने याचिका पंजीकृत कर हिंदू देवी-देवताओं की दैनिक पूजा की अनुमति मांगी थी, जिनके विग्रह ज्ञानवापी मस्जिद की बाहरी दीवार पर स्थित हैं.