शिंदे और शिवसेना के 55 विधायकों में से 39 के विद्रोह के कारण इस वर्ष जून में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए गवर्नमेंट गिर गई थी. आदित्य ने बोला कि उन्होंने (विद्रोही) हमारे सहयोगियों (राकांपा और कांग्रेस) पर उनकी सियासी किस्मत तबाह करने का आरोप लगाया.
मुंबई में मुख्य मुद्दों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘शहर विकास के केंद्र होते हैं और यह हम पर निर्भर है कि हम जीवन जीने में सुगमता को बढ़ावा दें और परिभाषित करें कि शहरीकरण क्या है. मुझे लगता है कि हमारा मुख्य जोर आवास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सड़कें और सार्वजनिक परिवहन होंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं स्कूलों, पार्क और तटीय सड़क की बेहतरी के लिए हर सप्ताह 16 भिन्न-भिन्न एजेंसियों के साथ बैठकें करता था. मेरी राय में, या तो मुंबई के लिए एक ही प्राधिकरण बनाएं या एक साथ मिलें और त्वरित कार्रवाई करें.’’ मुंबई के आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड के निर्माण पर शिवसेना के विरोध के बारे में आदित्य ठाकरे ने बोला कि मामला सिर्फ एक विशेष भूमि या पेड़ के बारे में नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘हमने सिर्फ आरे में काम बंद किया. उस लाइन के साथ कुछ गुनाह है. दिसंबर 2019 से पहले लागत में 10,000 करोड़ रुपये की वृद्धि का आकलन किया गया था (एमवीए गवर्नमेंट नवंबर 2019 में सत्ता में आई थी).’’ उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया था कि पिछली एमवीए गवर्नमेंट के आरे कॉलोनी में काम रोकने के कदम के कारण लागत में वृद्धि हुई थी.