वाशिंगटन. भारतीय मूल के एक अमेरिकी डॉक्टर ने पीएम नरेंद्र मोदी, आंध्र प्रदेश के सीएम वाई एस जगनमोहन रेड्डी और कद्दावर करोबारी गौतम अडाणी के विरूद्ध भ्रष्टाचार, पेगासस स्पाइवेयर के उपयोग तथा अन्य मुद्दों को लेकर एक वाद पंजीकृत किया है.
कोलंबिया के ‘यूएस डिस्ट्रिक कोर्ट’ ने इन सभी लोगों को समन जारी किए हैं. न्यूयॉर्क के प्रख्यात भारतीय-अमेरिकी अटॉर्नी रवि बत्रा ने इसे ‘व्यर्थ का मुकदमा’ करार दिया.
रिचमंड के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ लोकेश वुयुररु ने यह वाद पीएम मोदी, रेड्डी और अडाणी के विरूद्ध पंजीकृत किया है.
इस वाद में ‘वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम’ के अध्यक्ष तथा संस्थापक प्रोफेसर क्लॉस श्वाब का भी नाम शामिल है.
आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि पीएम मोदी, रेड्डी, अडाणी तथा अन्य लोग करप्शन में लिप्त हैं जिसमें अमेरिका में बड़े पैमाने पर नकदी हस्तांतरण और सियासी विरोधियों के विरूद्ध जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस का उपयोग शामिल है. हालांकि डॉक्टर ने इस संबंध में कोई साक्ष्य नहीं पेश किए हैं.
चिकित्सक ने वाद 24 मई को पंजीकृत किया था, जिसके बाद न्यायालय ने 22 जुलाई को समन जारी किए. हिंदुस्तान में उन्हें ये समन चार अगस्त को और श्वाब को स्विट्जरलैंड में दो अगस्त को समन दिया गया.
इस मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर बत्रा ने बोला कि डॉक्टर के पास फिजूल का बहुत समय है. उन्होंने बोला कि यह ‘व्यर्थ का केस है.