- यूक्रेन के ओडेसा क्षेत्र से अनाज के एक्सपोर्ट की आरंभ हो गई है
- जेलेंस्की ने ओडेसा क्षेत्र का दौरा कर अनाज के एक्सपोर्ट की प्रबंध का निरीक्षण किया
- दोनों राष्ट्रों के बीच बीच ग्रेन डील होने के बाद प्रारम्भ हुआ एक्सपोर्ट
रूस और यूक्रेन के युद्ध की आरंभ के बाद यूक्रेन से अनाज और ऑयल बीजों का एक्सपोर्ट लगभग बंद हो गया था. युद्ध के चलते इतने दिनों बाद पहली बार यूक्रेन के ओडेसा क्षेत्र से अनाज के एक्सपोर्ट की आरंभ हो गई है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शुक्रवार को ओडेसा क्षेत्र का दौरा कर अनाज के एक्सपोर्ट प्रबंध का निरीक्षण किया. जेलेंस्की ने इस दौरान तुर्की के जहाज में अनाज के लदान को देखा. जेलेंस्की ने कहा, “युद्ध की आरंभ के बाद से पहली बार जहाज के जरिए अनाज का निर्यात फिर से प्रारम्भ हो गया.” उन्होंने बोला कि अनाज का एक्सपोर्ट कई जहाजों के डिपार्चर के साथ प्रारम्भ होगा.
“जहाजों पर पहले ही अनाज का लदान किया जा चुका है”
जेलेंस्की ने बोला कि जहाजों पर पहले ही अनाज का लदान किया जा चुका है. लेकिन युद्ध के कारण ये यूक्रेन के बंदरगाहों से रवाना नहीं हो सके थे. अब इन कई जहाजों के डिपार्चर के साथ अनाज का एक्सपोर्ट फिर प्रारम्भ होगा. बता दें कि दोनों राष्ट्रों के बीच बीच ग्रेन डील हुई है. इस समझौते में तुर्की और संयक्त देश ने अहम किरदार निभाई है. दरअसल, रूस-यूक्रेन जंग के बाद यूक्रेन से अनाज और ऑयल बीजों का निर्यात लगभग बंद हो गया था.
लगभग पांच महीने से चल रही रूस-यूक्रेन जंग
24 फरवरी को प्रारम्भ हुई रूस-यूक्रेन जंग के चलते पूरी दुनिया खाद्य संकट से जूझ रही थी. लगभग पांच महीने से चल रही इस जंग ने रूस-यूक्रेन सप्लाई को तितर-बितर कर दिया .अब इस संकट पर विराम लग गया है. दोनों राष्ट्रों ने अनाज के एक्सपोर्ट को लेकर एक डील साइन की है. आपको बता दें कि संयुक्त देश महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने युद्ध को लेकर चेतावनी दी थी. उन्होंने बोला था कि यदि युद्ध लंबा खिंचा और रूस, यूक्रेन से अनाज की सप्लाई सीमित रही तो करोड़ों लोगों के गरीबी के जाल में फंसने का खतरा है