नई दिल्ली, 28 जून: इयोन मोर्गन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। वे पिछले कुछ समय से टॉप लेवल पर संघर्ष कर रहे थे। मोर्गन का संन्यास अपेक्षित माना जा रहा था, अब उन्होंने तुरंत प्रभाव से क्रिकेट को विदाई दे दी है। मोर्गन को इंग्लैंड के लिए वनडे और टी20 क्रिकेट में जबरदस्त काम करने के लिए हमेशा माना जाएगा।
मोर्गन ने उस आईपीएल को तब तवज्जों दी जिसको इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने शुरुआत में पसंद नहीं किया था। वहां के खिलाड़ी टेस्ट प्रेमी अधिक रहे हैं जिन्होंने सफेद गेंद क्रिकेट के जलवे को थोड़ी देर से पहचाना, लेकिन जब एक बार अंग्रेजों ने ठान ली कि सफेद गेंद क्रिकेट में सिक्का जमाना है तब उन्होंने दुनिया की बेस्ट टीम खड़ी की जिसने वर्ल्ड कप जीता। 2019 में जीता वह विश्व कप इयोन मोर्गन की कप्तानी में आया था।
फिलहाल मोर्गन फिट भी नहीं थे और पिछले दो से ढाई सालों में उनकी फॉर्म वाकई में इंग्लैंड क्रिकेट के लिए चिंता का कारण रही । इयोन मॉर्गन ने वनडे क्रिकेट में आखिरी शतक अगस्त, 2020 में लगाया था। पिछले साल उन्होंने केवल 4 एकदिवसीय मैच खेले और 103 रन बना सके। 2022 में तो उनको दो ही वनडे खेलने का मौका मिला और वह खाता तक नहीं खोल सके।
टी20 क्रिकेट की भी बात करें तो पिछले साल उन्होंने 16 मुकाबलों में 16.67 की साधारण सी औसत से कुल 150 रन बनाए थे। इस साल भी दो टी20 आई मैचों में उनके बल्ले से केवल 30 रन देखने को मिले।