पीएम मोदी ने आस्ट्रेलिया के साथ समापन आर्थिक योगदान एवं व्यापार समझौते को उपस्थिता कारोबारी आसारओं के पूर्ण उपयोग में मददगार होने की आशा जताते हुए शनिवार को कहा कि इससे दोनों राष्ट्रों के बीच विद्यार्थीों, पेशेवरों एवं पर्यटकों का लेन-देन भी सुगम होगा. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ऑस्ट्रेलिया के व्यापार, पर्यटन एवं निवेश मंत्री डैन टेहन ने एक औनलाइन कार्यक्रम में हिंदुस्तान-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक योगदान एवं व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस मौका पर प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन भी उपस्थित थे.
मोदी ने कहा कि इतने कम समय में इस द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर होना दोनों राष्ट्रों के बीच आपसी विश्वास की गहराई को रेट्शाता है. उन्होंने कहा कि दोनों अर्थव्यवस्थाओं में एक-दूसरे की आवश्यकताों को पूरा करने की व्यापक आसारएं हैं और इस समझौते से दोनों राष्ट्र इन मौकाों का पूरा फायदा उठा पाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘यह हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया के आपसी संबंधों के लिए वास्तव में एक अहम पल है. इस समझौते के आधार पर हम आपूर्ति श्रृंखलाओं का जुझारूपन बढ़ाने के साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता लाने में भी मिलकर सहयोग दे सकेंगे.’’ उन्होंने कहा कि इस समझौते से विद्यार्थीों, पेशेवरों और पर्यटकों का दोनों राष्ट्रों के बीच लेन-देन सुगमता से हो सकेगा. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मॉरिसन ने इस समझौते को हिंदुस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते संबंधों में एक जरूरी पड़ाव बताते हुए कहा कि यह समझौता इस संबंध की वजह से आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि व्यापार और आर्थिक योगदान बढ़ने के साथ-साथ यह समझौता काम, शोध और यात्रा मौकाों का विस्तार करने के साथ दोनों राष्ट्रों के लोगों के बीच ‘गर्मजोशी भरे रिश्तों’ को गहरा करेगा.