नेशनल डेस्कः पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में चार राज्यों में भाजपा ने जबरदस्त जीत हासिल की है लेकिन भाजपा की नवनिर्वाचित सरकारों का अभी शपथग्रहण नहीं हुआ है। राजधानी दिल्ली में भाजपा नेताओं के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है। मणिपुर, गोवा, उत्तराखंड में किसको कमान दी जाए इस पर मंथन चल रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ का नाम लगभग तय माना जा रहा है।
मणिपुर में रविवार को विधायक दल की बैठक हुई, इस बैठक में कार्यवाहक मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को विधायक दल का नेता चुना गया। बीरेन दूसरी बार मणिपुर के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। मणिपुर में एन बीरेन सिंह को चेहरा नहीं बनाया गया था इससे कयास लगाए जाने लगे थे कि राज्य में चेहरा बदला जा सकता है लेकिन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने एक बार फिर उनपर भरोसा जताया है। बता दें कि मणिपुर में 60 में से 32 सीटों पर जीत दर्ज कर भाजपा बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पिछले दिनों एन बीरेन सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से दिल्ली में मुलाकात की थी, इससे लगभग साफ हो गया था कि वो ही दोबारा मणिपुर के मुख्यमंत्री बनेंगे।
गोवा में अभी स्थिति साफ नहीं
उधर, गोवा में नई सरकार के गठन को लेकर भाजपा विधायक दल की बैठक अभी हुई नहीं है। इस बीच, तटीय राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और पार्टी के उनके सहयोगी नेता विश्वजीत राणे ने शनिवार शाम नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। सावंत और राणे को गोवा के मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। भाजपा सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि राणे हाल-फिलहाल में मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।
गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए हाल ही में संपन्न चुनाव में भाजपा ने सर्वाधिक 20 सीटों पर जीत दर्ज की है। महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी) के दो विधायकों और तीन निर्दलियों के समर्थन जताने से भाजपा के लिए गोवा में सरकार बनाने का रास्ता आसान हो गया है। हालांकि, पार्टी ने राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का दावा फिलहाल पेश नहीं किया है।