रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) के बीच हिंदुस्तान वहां फंसे अपने नागरिकों को बचाने के लिए लगातार एक्टिव है. पीएम नरेंद्र मोदी (पीएम Narendra Modi) ने आज पर एक हाई लेवल मीटिंग की है. मीटिंग में तय किया गया है कि ऑपरेशन गंगा को और तेज किया जाए. मीटिंग में फैसला किया गया है कि कुछ केन्द्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के पड़ोसी राष्ट्रों में भेजा जाएगा ताकि फंसे विद्यार्थीों को निकालने के लिए तालमेल बैठाया जा सके. इस मीटिंग में देशीय सुरक्षा सलाअधिकारार
ये मंत्री जाएंगे यूक्रेन के पड़ोसी राष्ट्र
प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने मीटिंग में विद्यार्थीों को निकालने के लिए बड़ी तैयारी की है. मीटिंग में केन्द्रीय मंत्रियों हरदीप सिंह पुरी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, किरण रिजिजू और जनरल (रि) वीके सिंह को यूक्रेन के पड़ोसी राष्ट्रों में भेजने का फैसला किया है. ये सभी मंत्री यूक्रेन में फंसे विद्यार्थीों को निकालने के कार्य की निगरानी करेंगे और विद्यार्थीों की सहायता के लिए कार्य करेंगे.
कीव में फंसे विद्यार्थी की आपबीती
कई अन्य हिंदुस्तानीय विद्यार्थीों की तरह पारस रौऑयला भी कीव में फंसे हुए हैं. पारस ने आज प्रातः काल नवभारत टाइम्स डॉट कॉम से वार्ता में बताया कि कीव शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर के हॉस्टल में करीब डेढ़ सौ विद्यार्थी हैं. इनमें से अधिकांश हिंदुस्तानीय है. उत्तराखंड के रहने वाले पारस के अनुसार कीव से बाहर निकलने को लेकर कई तरह की गलत-सही समाचारें उन्हें मिल रही हैं. इसको लेकर काफी कन्फ्यूजन है. उन्हें बताया गया है कि हॉस्टल से निकलकर स्टेशन तक जाना है, फिर वहां से बॉर्डर से निकलने के लिए हिंदुस्तान गवर्नमेंट की ओर से की गई बसें मिलेंगी. लेकिन बाद में उन्हें फिर बताया गया कि वे बसें प्राइवेट हैं. पारस के अनुसार हिंदुस्तानीय दूतावास की ओर से उन तक अभी तक कोई सहायता
नहीं पहुंची है. उन्होंने बताया कि कीव शहर में दशा गड़बड़ हैं. उनकी कीव के होटेल के एक कर्मचारी से बात हुई, तो पता चला कि खाने-पीने की की वस्तुों की कमी शुरू होने लगी है. उनके इलाके में भी कर्फ्यू आज प्रातः काल हट रहा है, लेकिन खाने-पीने की परेशानी शुरू होने लगी है. पारस के अनुसार वह रोमानिया, पोलैंड और हंगरी में से कहां जाएंगे, अभी यह पता नहीं है. उल्लेखनीय है कि रूस और यूक्रेन की बीच लड़ाई पिछले कई दिनों से जारी है. रूस ने तो नाटो और अमेरिका को धमकाते हुए अपने परमाणु यूनिट को हाई अलर्ट पर रख दिया है. पीएम नरेंद्र मोदी की यूक्रेन के मसले पर रविवार को 2 घंटे से ज्यादा मीटिंग हुई थी. इस मीटिंग में प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन में फंसे विद्यार्थीों को निकालने के लिए आदेश दिया है. उन्होंने मीटिंग में कहा कि विद्यार्थीों को वहां से निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.