अमेरिका में भारतीय विद्यार्थियों को मिलने वाले वीजा में भारी गिरावट देखी गई है. अमेरिका द्वारा विद्यार्थी वीजा जारी करने में भारी गिरावट को ट्रंप इफेक्ट से कनेक्ट करके देख सकते हैं. लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां करते हैं. हिंदुस्तानियों के लिए स्वीकृत विद्यार्थी वीजा की संख्या में गौरतलब कमी देखी गई है, जो अमेरिकी गवर्नमेंट द्वारा जारी किए गए शिक्षा वीजा में समग्र कमी के अनुरूप है. ट्रंप हों या न हों, अमेरिकी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ने का सपना भारतीय विद्यार्थियों के लिए तेजी से मायावी होता जा रहा है. हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के व्हाइट हाउस में निर्वाचित होने के बाद आव्रजन पर और अधिक कार्रवाई की अटकलें लगाई जाने लगीं, लेकिन आंकड़ों से पता चलता है कि एफ-1 विद्यार्थी वीजा अनुमोदन में गिरावट जनवरी में उनके शपथग्रहण से काफी पहले ही प्रारम्भ हो गई थी.
हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हिंदुस्तानियों के लिए स्वीकृत विद्यार्थी वीजा की संख्या वित्तीय साल 2018 में लगभग 42,000 से बढ़कर वित्तीय साल 2024 में 86,000 हो गई, लेकिन यह आंकड़ा 2023 में स्वीकृत 1.31 लाख और 2022 में 1.15 लाख शिक्षा वीजा की तुलना में कम है. एफ-1 वीज़ा कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों को अमेरिका में मान्यता प्राप्त कॉलेज, यूनिवर्सिटी या अन्य शैक्षणिक संस्थान में शोध करने की अनुमति देता है. यह एक गैर-आप्रवासी वीज़ा है, जिसका अर्थ है कि यह शिक्षा के उद्देश्य से अस्थायी प्रवास की अनुमति देता है.
यूएस से 5 लाख से अधिक प्रवासियों की होगी विदाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गवर्नमेंट ने 5 लाख से अधिक प्रवासियों की कानूनी स्थिति खत्म करने का निर्णय लिया है, जिससे उन्हें राष्ट्र छोड़ने के लिए कुछ हफ्तों का समय दिया गया है. ट्रंप ने अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़े निर्वासन अभियान की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य मुख्य रूप से लैटिन अमेरिकी से आने वाले प्रवासियों को वापस भेजना है. इस निर्णय से लगभग 5,32,000 क्यूवाई, हैती, निकारागुआ और वेनेजुएला के प्रवासी प्रभावित होंगे, जो अक्टूबर 2022 में पूर्व राष्ट्रपति जो वाइडन द्वारा प्रारम्भ की गई योजना के अनुसार अमेरिका आए थे. यह कार्यक्रम जनवरी 2023 में और विस्तारित किया गया था. इन प्रवासियों को अमेरिका छोड़ने के लिए 24 अप्रैल तक का समय दिया गया है, जब तक कि उनके पास कोई वैलिड इमिग्रेशन स्थिति न हो.
यह आदेश फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित किया जाएगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में एक दुर्लभ युद्धकालीन कानून का इस्तेमाल करते हुए 200 से अधिक कथित वेनेजुएलाई गैंग के सदस्यों को अल सल्वाडोर भेज दिया, जिसने इन प्रवासियों को कैद करने की पेशकश की है. पिछले एक दशक में वेनेजुएला के 70 लाख से अधिक लोग राष्ट्र छोड़ चुके हैं, जहां की अर्थव्यवस्था वामपंथी नेता निकोलस मादुरो के शासन में वर्वाद हो चुकी है. अमेरिका ने मादुरो पर सख्त प्रतिबंध लगाए हैं.