कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को राज्यसभा में धर्म के आधार पर बीजेपी और कांग्रेस पार्टी के विचारधारा पर बल दिया. उन्होंने बीजेपी के नेताओं पर कर्नाटक में मुसलमानों के लिए सरकारी अनुबंधों में आरक्षण को लेकर असत्य बोलने और सदन को गुमराह करने का इल्जाम लगाया. उन्होंने बोला कि बीजेपी धर्म के आधार पर कानून बनाने वाली पार्टी है, जबकि कांग्रेस पार्टी ने कभी भी धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया है.
मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर लगाया आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने इल्जाम लगाया कि बीजेपी अपनी गवर्नमेंट के करप्शन को छिपाने के लिए इस मामले को उठा रही है. उन्होंने बोला कि हाल ही में न्यायपालिका से जुड़ा एक मुद्दा सामने आया था, और बीजेपी नहीं चाहती कि विपक्ष इन मुद्दों पर चर्चा करे. खरगे ने यह भी बोला कि बीजेपी कर्नाटक में धर्म आधारित आरक्षण के मामले को उछाल कर कांग्रेस पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से परेशान है.
कर्नाटक में मुसलमानों के लिए आरक्षण का मुद्दा
बता दें कि कर्नाटक में मुसलमानों के लिए आरक्षण के मामले पर बीजेपी सांसदों ने राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के माध्यम से यह मामला उठाया था. वे यह दावा कर रहे थे कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने मुसलमानों के लिए आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन करने की बात कही थी. हालांकि, शिवकुमार ने इस इल्जाम को सिरे से नकारा और बोला कि उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा.
आरक्षण के मामले पर बोल खरगे
राज्यसभा में खरगे ने बोला कि यह मामला 1994 से चला आ रहा है और कर्नाटक में आरक्षण का यह कोटा कांग्रेस, बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) जैसे तमाम दलों द्वारा स्वीकार किया गया था. उन्होंने बीजेपी पर इल्जाम लगाया कि वह अब इस मामले को राजनीति के लिए उठा रही है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी की कर्नाटक में कामयाबी और लोकप्रियता बढ़ रही है.
साथ ही खरगे ने यह भी बोला कि बीजेपी के नेताओं ने संविधान में परिवर्तन की बात की है, जबकि कांग्रेस पार्टी ने कभी भी संविधान को बदलने की बात नहीं की. उन्होंने बोला कि कांग्रेस पार्टी ने सभी को पांच श्रेणियों में इन्साफ देने की प्रयास की है, और बीजेपी पुराने कानूनों को चुनौती देकर अपनी हताशा को दिखा रही है.
संविधान के मामले पर बीजेपी को दी चेतावनी
खरगे ने यह साफ किया कि कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के किसी भी नेता ने मुसलमानों को आरक्षण देने के लिए संविधान बदलने की बात नहीं की है. उन्होंने बीजेपी को चेतावनी दी कि यदि कोई भी संविधान के विरुद्ध कुछ कहेगा, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी और संविधान की रक्षा के लिए वह हमेशा संघर्ष करेगी.