इजरायल और फिलिस्तीन में अर्से से चली आ रही जंग रुकने का नाम नहीं ले रही. सोमवार को सुबह इजराइली सेना ने वेस्ट बैंक में उग्रवादियों के गढ़ में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए. इस दौरान पांच फिलिस्तीनियों को मृत्यु के घाट उतार दिया. साथ ही क्षेत्र में सैकड़ों सैनिकों को तैनात किया गया है. ये ड्रोन हमले दो दशक पूर्व दूसरे फलस्तीनी विद्रोह के दौरान बड़े पैमाने पर किए गए सेना हमलों की याद दिलाते हैं. इजराइली सैनिक सोमवार की सुबह जेनिन शरणार्थी शिविर में घुसे और एक वर्ष से अधिक समय से चल रहे संघर्ष के दौरान क्षेत्र में सबसे बड़ा अभियान चलाया.
वेस्ट बैंक पर यह हमला ऐसे समय में किया गया है जब इजराइली बस्तियों पर सिलसिलेवार हमलों के उत्तर में कड़ी प्रतिक्रिया देने के लिए राष्ट्र में दबाव बढ़ रहा है. पिछले हफ्ते इजराइली बस्तियों पर हमलों में चार लोगों की मृत्यु हो गई थी. फिलस्तीनी मीडिया की खबरों के अनुसार, अभियान से क्षेत्रीय निवासियों का जनजीवन बाधित हो गया, कुछ इलाकों में बत्ती गुल हो गयी और सेना के एक बुलडोजर को संकरी गलियों से गुजरते हुए देखा गया. फलस्तीनियों तथा समीपवर्ती जॉर्डन ने हिंसा की निंदा की है.
इजरायली सेना ने कह- शत्रु के हथियार को बरामद करने का अभियान
सेना के एक प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल रिचर्ड हेच ने बताया कि अभियान, हमलों की योजना बनाने के लिए उग्रवादियों द्वारा उपयोग की जा रही एक इमारत पर हवाई हमले के साथ देर रात एक बजे प्रारम्भ हुआ. उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य ठिकाने को नष्ट करना तथा हथियार बरामद करना है. उन्होंने बताया कि तकरीबन 2,000 सैनिक इस अभियान में भाग ले रहे हैं. फलस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सोमवार को सुबह कम से कम पांच फिलस्तीनियों की मृत्यु हो गयी है और 13 अन्य घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है. मंत्रालय ने बताया कि एक अलग घटना में वेस्ट बैंक के रामल्ला शहर के नजदीक इजराइल की गोलीबारी में 21 वर्षीय फलस्तीनी नागरिक की मृत्यु हो गयी.