प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोला कि हिंदुस्तान ने एससीओ के भीतर योगदान के पांच स्तंभ स्थापित किए हैं. स्टार्टअप और नवाचार, पारंपरिक चिकित्सा, युवा सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन और साझा बौद्ध विरासत. पिछले दो दशकों में, एससीओ पूरे यूरेशिया क्षेत्र में शांति, समृद्धि और विकास के लिए एक जरूरी मंच के रूप में उभरा है.
शंघाई योगदान संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का वर्चुअल संबोधन हुआ. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि पिछले 2 दशक में एससीओ पूरे एशियाई क्षेत्र में शांति, समृद्धि और विकास के लिए एक जरूरी प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है. हमने हमारे प्रयासों को दो मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित किया है, पहला वसुधैव कुटुम्बकम और दूसरा सिक्योर यानि सिक्योरिटी, इकोनॉमिक डेवलपमेंट और अन्य हमारे एससीओ का विजन है. हिंदुस्तान ने इस दृष्टिकोण के साथ एससीओ में योगदान के 5 नए स्तंभ बना हैं. स्टार्ट अप एंड इनोवेशन, ट्रेडिशनल मेडिसिन, यूथ इंपावरमेंट, डिजिटल इंक्लूजन और अन्य.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोला कि हिंदुस्तान ने एससीओ के भीतर योगदान के पांच स्तंभ स्थापित किए हैं. स्टार्टअप और नवाचार, पारंपरिक चिकित्सा, युवा सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन और साझा बौद्ध विरासत. पिछले दो दशकों में, एससीओ पूरे यूरेशिया क्षेत्र में शांति, समृद्धि और विकास के लिए एक जरूरी मंच के रूप में उभरा है. इस क्षेत्र के साथ हिंदुस्तान के हजारों वर्ष पुराने सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के संबंध हमारी साझा विरासत का जीवंत प्रमाण हैं.’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई योगदान संगठन के वर्चुअल शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के मामले पर दुनिया को आईना दिखाया. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि आतंकवाद किसी भी रूप में हो, हमें उसके विरूद्ध मिलकर लड़ाई करनी होगी.