ओडिशा के बालासोर में हुए भयानक ट्रेन हादसे पर सियासी प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। इसी कड़ी में पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पार्टी (TMC) ने इस तिहरे रेल हादसे को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस्तीफे की मांग की है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि केंद्र गवर्नमेंट इस तरह के रेल हादसों को रोकने के लिए भिड़न्त रोधी उपकरण लगाने के बजाय विपक्षी नेताओं की जासूसी करने के लिए करोड़ों रुपये सॉफ्टवेयर पर खर्च कर रही है। उन्होंने यह भी बोला कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली गवर्नमेंट सिर्फ शेखी बघारती है.
‘ट्रेनों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया’
टीएमसी नेता ने कहा, “केंद्र की नरेंद्र मोदी गवर्नमेंट सियासी समर्थन हासिल करने के लिए वंदे भारत और नवनिर्मित स्टेशनों का दावा करके जनता को गुमराह कर रही है , लेकिन सुरक्षा तरीकों के लिए कुछ नहीं कर रही है.”
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लिखते हुए उन्होंने कहा, “गरीब और हाशिए पर रहने वाले लोग हैं जो केंद्र की उदासीनता और उसके कार्यों के शिकार हैं, चाहे वह नोटबंदी हो, GST हो, लॉकडाउन हो, कृषि कानून हो या रेलवे, कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए. एक सुरक्षा उपाय.
शोक संतप्त परिवारों के साथ सहानुभूति रखते हुए उन्होंने कहा, “मेरा दिल उन परिवारों के साथ है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. अगर अंतरात्मा की आवाज बची है तो रेल मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए. अब!”
बीजेपी ने भी पलटवार किया
इसके साथ ही भाजपा ने टीएमसी नेता पर इस दुखद घटना का राजनीतिकरण करने की प्रयास करने का आरोप लगाया है.
पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘जब ममता बनर्जी रेल मंत्री थीं तब भी ट्रेन हादसे हुए थे। क्या उन्होंने इस्तीफा दे दिया? जवाब न है. इस भयावह हादसे पर टीएमसी को राजनीति नहीं करनी चाहिए.
इस घटना में, बालासोर जिले में बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी की भिड़न्त में कम से कम 233 लोग मारे गए और 900 से अधिक घायल हो गए.