बिजनेसमैन गौतम अडाणी ने गुरुवार (1 जून) को राष्ट्रवादी कांग्रेस (राकांपा) प्रमुख शरद पवार से उनके मुंबई स्थित आवास पर मुलाकात की. अडाणी-हिंडनबर्ग मुद्दे में प्रतिक्रिया के बाद यह दूसरा मौका है जब राकांपा प्रमुख और अडाणी के बीच मुलाकात हुई है.
इससे पहले 20 अप्रैल 2023 को गौतम अडाणी और शरद पवार के बीच मुलाकात हुई थी. दरअलस, अडाणी-हिंडनबर्ग मुद्दे की जांच के लिए विपक्ष केंद्र गवर्नमेंट से जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) की लगातार मांग कर रहा है. इसपर शरद पवार के बोला था कि सियासी लाभ उठाने के लिए मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी जैसे उद्योगपतियों पर हमला करना ठीक नहीं है.
तकनीकी मामले पर चर्चा हुई
इंडिया टुडे के अनुसार, शरद पवार ने कहा, ‘सिंगापुर से एक प्रतिनिधिमंडल मेरे पास आया और किसी तकनीकी मामले (टेक्निकल इश्यू) पर उद्योगपति गौतम अडानी से मिलना चाहता थे. यहां उन्होंने सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की.’ उन्होंने बोला कि यह एक तकनीकी मामला है, जिसके बारे में अधिक समझ नहीं है.
पिछली मीटिंग को कॉन्फिडेंशियल रखा गया था
पवार और अडाणी के बीच पिछली मीटिंग करीब 2 घंटे तक चली थी. इस मीटिंग को काफी कॉन्फिडेंशियल रखा गया था. मीटिंग में दोनों के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई थी उसके बारे में कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी.
अप्रैल में ब्लैक कार से शरद पवार के मुंबई आवास सिल्वर ओक पहुंचे थे गौतम अडाणी
JPC की मांग को शरद पवार ने गलत बताया था
JPC पर पवार ने बोला था, पहले भी कई JPC बनी हैं. मैं इनमें हेड भी रहा हूं, लेकिन इसमें बहुमत की ही बात मानी जाती है. इसलिए उच्चतम न्यायालय की नियुक्त कमेटी अधिक कारगर होगी. इसका परिणाम भी निकलेगा. हिंडनबर्ग वैसे भी विदेशी है. हम इसकी रिपोर्ट को इतना महत्व क्यों दें.
हिंडनबर्ग ने अडाणी पर स्टॉक मैनिपुलेशन जैसे आरोप लगाए थे
24 जनवरी को अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी ग्रुप को लेकर एक रिपोर्ट पब्लिश की थी. इस रिपोर्ट में अडाणी ग्रुप पर अकाउंटिंग फ्रॉड और स्टॉक मैनिपुलेशन जैसे कई गंभीर आरोप लगाए गए थे. इसके बाद अडाणी ग्रुप के ज्यादातर स्टॉक 60% से अधिक गिर गए थे.
शरद पवार से जुड़ी ये समाचार भी पढ़े…पवार बोले-हिंडनबर्ग मुकदमा में विपक्ष की JPC की मांग बेकार
राष्ट्रवादी कांग्रेस (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने अडाणी-हिंडनबर्ग मुकदमा में विपक्ष की JPC (जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी) की मांग को बेकार बताया है. NDTV को दिए साक्षात्कार में पवार ने कहा- JPC में सत्तारूढ़ पार्टी का बहुमत होता है. उससे सच्चाई सामने नहीं आ पाती है. इस मुद्दे की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय की कमेटी।।