यूरोपीय हिंद-प्रशांत क्षेत्र और यूक्रेन युद्ध सहित कई मुद्दों पर चर्चा के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर स्वीडन पहुंचे हुए हैं. वहां एक साथ उन्होंने 8 राष्ट्रों के विदेश मंत्रियों के साथ मिलकर हिंदुस्तान के मजबूत संबंधों का ऐसा “आष्टांग योग” बनाया कि शत्रु चीन और पाक भी दंग रह गए. विदेश मंत्री ने इस दौरान फ्रांस, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बुल्गारिया, साइप्रस, लातविया, लिथुआनिया और रोमानिया के अपने समकक्षों के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र से लेकर और यूक्रेन युद्ध सहित कई मामलों पर विस्तार से चर्चा की है. जयशंकर ईयू हिंद-प्रशांत मंत्रिस्तरीय मंच (ईआईपीएमएफ) में भाग लेने के लिए स्वीडन की तीन दिवसीय यात्रा पर शनिवार को स्टॉकहोम पहुंचे थे. जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना से मिलकर खुशी हुई. बैस्टिल दिवस पर पीएम नरेन्द्र मोदी की यात्रा को सफल बनाने को लेकर उनकी तरह उत्साहित हूं. हिंद-प्रशांत और जी-20 पर विचारों का आदान-प्रदान किया.
प्रधानमंत्री मोदी 14 जुलाई को फ्रांस के बैस्टिल दिवस कार्यक्रम में विशिष्ट मेहमान के रूप में शामिल होंगे. फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने मोदी को पेरिस में होने वाली परेड में शामिल होने का निमंत्रण भेजा था. विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी भी अपने फ्रांसीसी समकक्षों के साथ परेड में भाग लेगी. जयशंकर ने ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री अलेक्जेंडर शालेनबर्ग से भी मुलाकात की और गतिशीलता एवं प्रवासन संबंधी समझौतों पर हस्ताक्षर किए. जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘अपने मित्र और ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री शालेनबर्ग के साथ गर्मजोशी से और सार्थक चर्चा हुई. गतिशीलता और प्रवासन संबंधी समझौतों पर हस्ताक्षर किए. अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, विशेष रूप से यूक्रेन और हिंद-प्रशांत पर चर्चा की.
इन मंत्रियों से भी हुई द्विपक्षीय योगदान पर चर्चा
बेल्जियम की विदेश मंत्री हादजा लाहबीब के साथ पहली बैठक में जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों और बहुपक्षीय योगदान को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई. उन्होंने बुल्गारिया के विदेश मंत्री इवान कोंडोव के साथ भी विचारों का आदान-प्रदान किया और मजबूत होते द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय संबंधों पर चर्चा की. जयशंकर ने साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस के साथ गतिशीलता और पर्यटन पर चर्चा की. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस से मिलकर अच्छा लगा. हमने संपर्क बढ़ाने की आसार पर गौर किया. गतिशीलता और पर्यटन के बारे में बात की. हमारे बहुपक्षीय योगदान पर भी चर्चा की.’’ जयशंकर ने लातविया के विदेश मंत्री एडगर्स रिंकेविक्स से भी मुलाकात की और यूक्रेन टकराव के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ईयू-हिंद प्रशांत मंत्रिस्तरीय मंच के इतर लातविया के विदेश मंत्री के साथ अच्छी बैठक हुई. हमारे द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और यूक्रेन संघर्ष के नतीजों पर बात की. अपने आपसी बहुपक्षीय योगदान पर भी चर्चा की.
हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा रहा अहम मुद्दा
विदेश मंत्रियों की इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती दादागीरी को रोकना ही प्रमुख मामला रहा. जयशंकर ने लिथुआनिया के विदेश मंत्री गेब्रिलस लैंड्सबर्गिस से मुलाकात के बाद ट्वीट किया, ‘‘लिथुआनिया के विदेश मंत्री लैंड्सबर्गिस के साथ द्विपक्षीय योगदान और हिंद-प्रशांत पर एक अच्छी वार्ता हुई. जयशंकर ने यूक्रेन में फंसे सभी भारतीय नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए चलाए गए अभियान ‘ऑपरेशन गंगा’ में योगदान देने के लिए अपने रोमानियाई समकक्ष बोगदान ऑरेस्कु को धन्यवाद दिया. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ईयू हिंद-प्रशांत मंत्रिस्तरीय मंच के इतर रोमानिया के विदेश मंत्री से वार्ता की. ‘ऑपरेशन गंगा’ में योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद दिया. रक्षा और ऊर्जा योगदान पर चर्चा की. क्षेत्र के बारे में उनके दृष्टिकोण को जानकर फायदा हुआ.’’ जयशंकर बांग्लादेश से स्वीडन पहुंचे हैं, जहां उन्होंने शुक्रवार को छठे हिंद महासागर सम्मेलन को संबोधित किया था.