पिछले कुछ समय से भाजपा सांसद वरुण गांधी के कांग्रेस पार्टी में जाने की अटकलों के बीच कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बोला है कि वरुण ने जिस विचाराधारा को अपनाया ‘मैं उसे स्वीकार नहीं कर सकता।’ यूपी में पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी के कांग्रेस पार्टी में जाने की अटकलें काफी तेज हैं। पिछले कुछ समय से वरुण गांधी भाजपा की नीतियों पर लगातार प्रश्न उठा रहे हैं। कयास लगाए जा रहे थे कि वरुण गांधी भाजपा छोड़ सकते हैं। मंगलवार को हिंदुस्तान जोड़ो यात्रा के दौरान होशियारपुर की प्रेसवार्ता में एक प्रश्न के उत्तर में राहुल गांधी ने वरुण गांधी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
राहुल गांधी ने और क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा, वो भाजपा में हैं। यदि वो हिंदुस्तान जोड़ो यात्रा में चलेंगे, उनको परेशानी हो जाएगी। मेरी विधारचारा उनकी विचारधारा से नहीं मिलती है। मैं आरएसएस के ऑफिस में नहीं जा सकता, मेरा आपको गला काटना पड़ेगा। मेरा जो परिवार है उसकी एक विचारधारा, एक अलग सोचने का उपाय है।। और जो वरुण हैं उन्होंने उस विचाराधारा को अपनाया और अपना बनाया तो मैं उस बात को स्वीकार नहीं कर सकता।
हालांकि एक परिवार और वरुण के भाई होने की बात पर राहुल ने कहा, मैं वरुण से जरूर प्यार से मिल सकता हूं, गले लग सकता हूं मगर उस विचाराधारा को स्वीकार नहीं कर सकता। दोनों विचारधाओं की आपस में लड़ाई चल रही है। उल्लेखनीय है कि मेनका गांधी वर्ष 2004 में भाजपा में जुड़ीं, जिसके बाद बेटे वरुण गांधी ने भी भाजपा का दामन थामा। लेकिन वरुण गांधी ने वर्ष 2009 में लोकसभा का पहला चुनाव पीलीभीत से लड़ा था। तब से अब तक वरुण गांधी का चुनावी मैदान मां मेनका गांधी की कार्यस्थली रही है। लेकिन हाल में वरुण ने एक जनसभा में चौंकाने वाला संबोधन दिया था।
उन्होंने बोला था, न तो मैं नेहरू जी के विरूद्ध हूं, ना ही कांग्रेस पार्टी के विरूद्ध हूं। हमारी राजनीति राष्ट्र को आगे बढ़ाने के लिए होनी चाहिए न कि गृह युद्ध पैदा करने के लिए। आज जो लोग सिर्फ धर्म और जाति के नाम पर वोट मांग रहे हैं, हमें उनसे ये पूछना चाहिए कि रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा का क्या हाल है। कई अन्य मौकों पर अपनी पार्टियों की नीतियों की खुले तौर पर आलोचना करने के बाद से अनेक तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। ये बताया जा रहा है कि उनका भाजपा से मोहभंग हो गया है।